चिराग पासवान की LJP(RV) बनी 2025 की सबसे बड़ी कहानी — 19 सीटों पर बढ़त और 1,800% की ऐतिहासिक छलांग
पटना/दिल्ली — बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जिस राजनीतिक कहानी ने सबसे ज्यादा सुर्खियाँ बटोरीं, वह थी चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) का अभूतपूर्व प्रदर्शन।
चुनाव विश्लेषकों ने पूरे चुनाव में इसे ‘NDA का सबसे बड़ा गेम चेंजर’ बताया है।
LJP(RV) ने इस बार:
- 19 सीटों पर बढ़त/जीत दर्ज की
- पिछले चुनाव की तुलना में 1,800% का चौंकाने वाला उछाल दिखाया
- NDA की कुल tally को 200 सीटों के आसपास ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
यह प्रदर्शन चिराग को बिहार की राजनीति में एक मजबूत शक्ति केंद्र के रूप में स्थापित करता है।
कैसे बना चिराग पासवान चुनाव का ‘मैन ऑफ द मैच’?
पिछली बार LJP(RV) सिर्फ 1 सीट जीत पाई थी, लेकिन इस बार कहानी बिल्कुल उलट गई।
NDA की सीट-sharing पर सवाल उठ रहे थे, लेकिन चिराग का gamble सही साबित हुआ।
उनकी पार्टी को:
29 सीटें लड़ने के लिए दी गईं
जिनमें से 19 सीटों पर LJP(RV) ने बढ़त बनाई
और strike-rate 68% के करीब रहा
जिसे किसी भी क्षेत्रीय दल के लिए historic performance कहा जा रहा है।
सीट-दर-सीट LJP(RV) का प्रदर्शन (मुख्य सीटें)
- गोविंदगंज — राजू तिवारी (जीत)
- सिमरी बख्तियारपुर — संजय कुमार सिंह (बढ़त)
- दराजी — विष्णुदेव पासवान (बढ़त)
- ओबरा — प्रकाश चंद्र (बढ़त)
- सुगौली — राजेश कुमार (बढ़त)
- राजौली — विमल राजवंशी (जीत)
- बख्तियारपुर — अरुण कुमार (जीत)
- बोच्चा — बेबी कुमारी (बढ़त)
- महुआ — संजय कुमार सिंह (बढ़त)
- नथनगढ़ — मिथुन कुमार (बढ़त)
कई सीटों पर LJP(RV) के उम्मीदवारों ने ना सिर्फ बढ़त बनाई बल्कि BJP और JDU के candidates से भी बेहतर प्रदर्शन किया।
कुछ सीटों पर मिली हार
हालाँकि पार्टी को 5-6 सीटों पर हार का सामना भी करना पड़ा — जैसे:
- रोपा कुमारी – फतुहा (हार)
- मोहम्मद कालिमुद्दीन – बहादुरगंज (हार)
- शेरघाटी – हार
लेकिन समग्र प्रदर्शन इतना मजबूत रहा कि इन हारों का प्रभाव नगण्य माना जा रहा है।
क्या था LJP(RV) के उभार का सबसे बड़ा कारण?
चिराग पासवान का ‘युवा चेहरा’ और साफ संदेश
चिराग पूरे चुनाव में मोदी और NDA के साथ खड़े दिखाई दिए।
उनका सिंपल संदेश — “मैं बिहार फर्स्ट, बिहार इम्पोर्टेंट” — युवा वोटरों पर भारी पड़ा।
जातीय समीकरण + युवा वोट बैंक
LJP(RV) को पासवान और युवा वोटरों का मजबूत समर्थन मिला।
यह NDA का traditional vote divide करता हुआ नहीं दिखा, बल्कि मजबूत करता हुआ दिखा।
Modi + Nitish + Chirag का कॉम्बिनेशन
PM मोदी और CM नीतीश का संयुक्त समर्थन LJP(RV) को ताकत देता रहा।
कई रैलियों में मोदी ने खुद चिराग को “NDA का तेज़ तर्रार युवा नेता” कहा।
Ticket Distribution में स्मार्ट स्ट्रेटेजी
LJP(RV) को मिली 29 सीटों में से 28 पर उम्मीदार उतारे गए।
ये सीटें रणनीतिक रूप से चुनी गईं जहाँ पार्टी की ground presence थी।
चिराग पासवान का ट्वीट वायरल
चुनाव परिणाम आते ही चिराग पासवान ने लिखा:
“यह जीत बिहार के विश्वास की जीत है। मैं NDA के सभी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं का आभार व्यक्त करता हूँ।”
उनका ट्वीट सोशल मीडिया पर 6,000 से ज्यादा likes और हजारों shares के साथ trend करने लगा।
2025 का प्रदर्शन क्यों है ऐतिहासिक?
पूरे बिहार चुनाव में सिर्फ लोजपा (राम विलास) ऐसा दल रहा:
- जिसकी सीटें कई गुना बढ़ीं
- जो kingmaker के रूप में उभरा
- जिसने अपनी छोटी पार्टी को ‘बड़ी ताकत’ में बदल दिया
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है:
“इस चुनाव का सबसे बड़ा बदलाव LJP(RV) का उभार है।”
NDA में चिराग की पकड़ कैसे मजबूत हुई?
2019 और 2020 में चिराग लगातार संघर्षरत दिखे थे।
लेकिन 2025 में उन्होंने:
- पार्टी को मजबूत बनाया
- NDA में अपनी bargaining power बढ़ाई
- Bihar politics में अगली पंक्ति के नेताओं में जगह बनाई
अब चर्चा यह भी है कि 2030 में चिराग vs तेजस्वी की लड़ाई तय मानी जा रही है।
विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?
राजनीति विश्लेषकों के मुताबिक:
- इस बार NDA की landslide victory में LJP(RV) की भूमिका critical रही
- BJP–JDU–LJP(RV) का गठजोड़ बेहद संतुलित रहा
- चिराग पंजाब, दिल्ली और यूपी के युवा वोटरों में भी लोकप्रिय हो रहे हैं